थायराइड टेस्ट के जरिए थायराइड फंक्शन से जुड़ी समस्याओं का पता लगाया जाता है। इस परीक्षण से पता चलता है कि थायराइड ग्रंथि कैसे काम कर रही है। साथ ही इससे जुड़ी बीमारियों का भी पता लगाया जा सकता है, जैसे हाइपरथायरायडिज्म, जिसे ओवरएक्टिव और अंडरएक्टिव थायराइड भी कहा जाता है।
टीएसएच टेस्ट का अवलोकन
थायराइड ग्लैंड तितली के आकर का कॉलरबोन के पास होता है। यह ग्लैंड एनर्जी लेवल, मूड, जैसे शरीर के अन्य कार्यों को नियंत्रित करता है। थायराइड ग्लैंड (थायराइड ग्रंथि) गले में स्तिथ होता है एवं शरीर की आवश्यक कार्यप्रणाली में मदद करता है। यह कुछ हार्मोन्स को खून में प्रवाह करता है जिसे हम टी-3 या एफ टी-३, टी-4 या एफ टी-4 एवं टीएसएच टेस्ट के नाम से जानते हैं। थायराइड फंक्शन टेस्ट से हम थायराइड हार्मोन्स की खून में मात्रा का पता कर सकते हैं। यदि मात्रा अधिक है तो इसे हाइपरथायराइडिज़्म कहते हैं और यदि मात्रा काम है तो इसे हाइपोथायराइडिज़्म कहते है। गर्भव्यवस्था में भी इस टेस्ट का होना ज़रूरी है।
मस्तिष्क में पाई जाने वाली एक अन्य महत्वपूर्ण ग्रंथि, जिसे पिट्यूटरी ग्रंथि के रूप में जाना जाता है, थायराइड-उत्तेजक हार्मोन (टीएसएच) जारी करके टी3 और टी4 हार्मोन का उत्पादन करने के लिए थायराइड को उत्तेजित करने में प्रमुख भूमिका निभाती है। यही कारण है कि टीएसएच टेस्ट या थायराइड-उत्तेजक हार्मोन परीक्षण महत्वपूर्ण है और आमतौर पर यह निर्धारित करने के लिए कि थायराइड ग्रंथि ठीक से काम कर रही है या नहीं।
थायराइड की समस्याओं का पता लगाने के लिए थायराइड टेस्ट किया जाता है। यह रक्त परीक्षणों की एक श्रृंखला है जो थायराइड ग्रंथि कितनी अच्छी तरह काम कर रही है यह जांच करती है।
टीएसएच टेस्ट कब निर्धारित किया जाता है?
टीएसएच टेस्ट एक नियमित स्वास्थ्य जांच के भाग के रूप में किया जा सकता है। हालांकि, डॉक्टर आमतौर पर सभी परीक्षणों के परिणामों की तुलना करके थायराइड ग्रंथि की समग्र स्थिति का पता लगाने के लिए टी3 या टी4 परीक्षण या दोनों के साथ टीएसएच टेस्ट की सलाह देते हैं। ओवरएक्टिव और अंडरएक्टिव थायराइड जैसी स्थितियों का निदान या इलाज करने के लिए इन परीक्षणों की आवश्यकता होती है।
अतिसक्रिय थायराइड या हाइपरथायराइडिज़्म में निम्नलिखित लक्षण पाए जाते हैं:
- बढ़ी हृदय की दर
- चिंता
- सोने में कठिनाई
- वजन घटना
- आंखों में सूजन
- हाथों में कंपन
- गर्मी का सहन नहीं कर पाना
- दस्त लगना
जिन लोगों को हाइपोथायराइडिज़्म विकसित होने का खतरा है, उनमें निम्नलिखित लक्षण महसूस हो सकते हैं:
- बालों का झड़ना
- वज़न बढ़ना
- अनियमित मासिक धर्म/ माहवारी
- थकान
- ठंडे तापमान के लिए कम सहनशीलता
टीएसएच टेस्ट (TSH Test) की तैयारी
टीएसएच टेस्ट (TSH Test) की काफी सरल प्रक्रिया है जिसमें आमतौर पर लगभग 5-6 मिनट ही लगते हैं। आपकी हाथ की नस में से खून का सैंपल लिया जाएगा जिसे परीक्षण के लिए प्रयोगशाला में भेजा जाएगा। खून में थायराइड हार्मोन की मात्रा की जांच मूल्यांकन करता है। TSH टेस्ट के लिए किसी विशेष तैयारी की आवश्यकता नहीं होती है। लेकिन यह टेस्ट हमेशा सुबह के समय ही करवाना चाहिए।
टीएसएच टेस्ट (TSH Test) रिपोर्ट के अगले चरणों के लिए आवश्यक समय
आप टीएसएच टेस्ट किफायती कीमतों पर मैक्स लैब के साथ आसानी से ऑनलाइन भी बुक कर सकते हैं। सैंपल लेने के 24 घंटे के अंदर थायराइड टेस्ट की रिपोर्ट तैयार हो जाती है। आप मैक्स लैब की वेबसाइट से रिपोर्ट को डाउनलोड कर सकते हैं। रिपोर्ट प्राप्त करने के बाद, डॉक्टर को रिपोर्ट दिखाने की सलाह दी जाती है।